Madhya Pradesh में कुपोषण का कहर 8 ओर 12 रूपयों के जाल में फंसा बचपन क्या वाकई मै 8ओर 12 रुपया मै बचाया जा सकता है जीवन madhya pradesh के सतना जिले के मझगांव ब्लॉक के मरवा गांव में ये ओ जगहें है जहां हुसैन ने जन्म लिया और वहीं उनकी मौत की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई और दूसरी तरफ हुसैन के पिता एक दिहाड़ी मजदूर (daily wage worker) है और उनका परिवार गरीबी और लाचारी मै जी रहा था
जब बच्चे को district hospital ले जाया गया ||
जब बच्चे की मां अपने बच्चे को लेकर हॉस्पिटल पहुंची तो बच्चे को गंभीर हालत में देखकर डॉक्टर भी हैरान हो गया आखिर बच्चे को ऐसा क्या हुआ था जिसे देख कर district hospital ke sare doctor देख कर इतना जड़ा हैरान हो गया बच्चा बहुत कमजोर था 2kg 500ग्राम weight था बच्चे को 4 दिनों तक ICU मैं रखा गया सफेद लाइटों के बीच रखा गया बच्चे की चमड़ी (skin) हड़िओ se chipki हुई थी
बच्चे का सवाल था आखिर मेरा गुनाह क्या था ||
बच्चे का सवाल था आखिर मेरा गुनाह क्या था । बच्चे को न कुछ खाने को मिला नहीं सही से मां का दूध नसीब हुआ 8 से 12 रुपया मै आखिर कोई इंसान क्या कर लेगा जब बच्चे को district hospital ले जाया गया तो डॉक्टर ने उनकी मां से क्या कहा जिसे सुन कर मां की आंखों मै नमी देखी नहीं गई एक पिता के सामने बेटे की मृत्यु कैसे देखी जा सकती है जिस पिता ने अपने बेटे को जन्म दिया ओ अपने बच्चे को इस हालात मै नहीं देख पाया पिता का हुआ बुरा हाल
आखिर बच्चे का बीमारी क्या था ||
जब बच्चे को district hospital ले जाया गया तो डॉक्टरों ने बच्चे के जांच करने के बाद पता चला क्या बच्चे को डबल निमोनिया नाम की एक बीमारी है इतनी गंभीर हालत में झुझ रहा 3 महीना का बच्चा अपनी मां के सामने वही दम तोड़ दिया जिसे देख कर पूरे पूरे madhya pradesh mai halchal mach gya hai
Madhya प्रदेश कुपोषण ||
पिछले 3 महीने से madhya pradesh मै कुपोषण के कारण लगभग 3 बचे की जान चली गई आखिर वहां की सरकार कर क्या रही है क्या इस कुपोषण बीमारी से वहां के सरकार लड़ पाए गी इस बीमारी से इसका सही ओर सटीक इलाज निकल कर सामान आय गी वहां के सरकार को यह फैसला लेना चाहिए कि सरकारी योजना हर एक गांव में हर एक घर मै सरकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए ताकि कोई गरीबी से न झूझे और अपनी जिंदगी आसानी ओर सरल तरीका से जी पाय और उन्हें कोई दिक्कत न हो